





धर्म डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट)- Karwa Chauth Mantra for Arghya : करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने के बाद शुरू होने वाला यह व्रत चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद पूरा किया जाता है। शाम होते ही महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार रहता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने, पूजा करने और पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान चंद्रमा के मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है।
चंद्रमा को अर्घ्य देते समय कौन-सा मंत्र बोलें?
करवा चौथ पर चंद्रमा दिखाई देने के बाद महिलाएं लोटे या करवे में जल लेकर चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं। कई जगहों पर जल में रोली, अक्षत और फूल डालने की परंपरा भी है। कुछ परिवारों में अपनी रीति के अनुसार कच्चा दूध भी मिलाया जाता है। चंद्रमा को अर्घ्य देते समय आप इन मंत्रों का जाप कर सकती हैं:
- चंद्रमा का मंत्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
- सरल मंत्र: ॐ सोमाय नमः।
मंत्र जाप के बाद चंद्रमा को प्रणाम कर पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना की जाती है।
करवा चौथ पर कौन-सा दोहा बोलें?
करवा चौथ पर कई क्षेत्रों में चंद्रमा को अर्घ्य देते समय पारंपरिक लोकगीत और दोहे बोलने की परंपरा है। इनके शब्द अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में थोड़े अलग हो सकते हैं।
पारंपरिक दोहा:
“हरे बांस की छाबड़ी, गल मोतियन का हार।
चंद्रमा को अर्घ्य देऊं, जिए मेरा भरतार।”
कुछ क्षेत्रों में यह पंक्ति भी बोली जाती है:
“सिर सोने री साकली, गल मोतिया रो हार।
चांद-सूरज ने अर्घ देऊं, जिए वीर भरतार।”
इन लोकपंक्तियों के माध्यम से महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।
Karwa Chauth Mantra for Arghya : करवा चौथ का व्रत खोलने की विधि क्या है?
चंद्रमा के दर्शन होने के बाद व्रत खोलने के लिए पारंपरिक रूप से कुछ चरणों का पालन किया जाता है।
- चंद्रमा को अर्घ्य दें: चांद निकलने पर लोटे या करवे में जल लेकर चंद्रमा को अर्पित करें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार रोली, अक्षत और फूल का इस्तेमाल कर सकती हैं।
- चंद्रमा की पूजा करें: चंद्रमा को प्रणाम करें और परिवार की खुशहाली तथा पति की लंबी उम्र की कामना करें।
- छलनी से चंद्र दर्शन करें: कई परिवारों में छलनी में दीपक रखकर पहले चंद्रमा और फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखने की परंपरा है।
- पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलें: पूजा पूरी होने के बाद महिलाएं अपने पति के हाथों से पानी पीती हैं। इसके बाद मिठाई या कोई मीठा पकवान खाकर व्रत खोलती हैं।
करवा चौथ पर इन बातों का रखें ध्यान
करवा चौथ की पूजा करते समय अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन करें। चंद्रमा निकलने का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए अपने शहर का स्थानीय चंद्रोदय समय जरूर देख लें। करवा चौथ केवल व्रत का दिन नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और साथ निभाने के संकल्प का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन महिलाएं पूजा-अर्चना के साथ अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और खुशहाली की कामना करती हैं।
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