

टेक डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट)- Instagram Ban Fact Check : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 25 अगस्त 2026 की रात से भारत में Instagram पूरी तरह बंद (Instagram Ban) कर दिया जाएगा। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद लाखों सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। अब इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि Instagram पर प्रतिबंध लगाने का दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।
PIB ने किया वायरल दावे का फैक्ट चेक
भारत सरकार की प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी कर वायरल दावे को खारिज कर दिया। PIB ने साफ कहा कि सरकार ने Instagram पर प्रतिबंध लगाने का कोई फैसला नहीं लिया है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना या घोषणा जारी की गई है। PIB ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
सरकार ने अफवाहों से बचने की दी सलाह
PIB फैक्ट चेक यूनिट ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही यह खबर पूरी तरह झूठी है। सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी वायरल पोस्ट को बिना जांचे साझा न करें। यदि किसी सरकारी फैसले या योजना से जुड़ी संदिग्ध जानकारी दिखाई दे, तो उसकी पुष्टि केवल सरकारी वेबसाइटों और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से ही करें। सरकार ने यह भी कहा कि यदि किसी को केंद्र सरकार से जुड़ी कोई संदिग्ध या भ्रामक पोस्ट दिखाई देती है, तो उसकी जानकारी तुरंत PIB Fact Check को दें, ताकि समय रहते उसकी सच्चाई सामने लाई जा सके।
Instagram Ban Fact Check : एक दिन पहले MEA ने भी किया था वायरल दावे का खंडन
Instagram बैन की अफवाह से एक दिन पहले विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी सोशल मीडिया पर वायरल एक अन्य दावे का खंडन किया था। वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कथित विदेशी फंडिंग को लेकर एक बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा बयान भ्रामक है और प्रवक्ता के वास्तविक बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। MEA के अनुसार, नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता ने केवल इतना कहा था कि फिलहाल इस विषय पर साझा करने के लिए उनके पास कोई जानकारी नहीं है।
फर्जी खबरों पर सरकार की बढ़ी सख्ती
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही फर्जी खबरों और भ्रामक पोस्टों को देखते हुए केंद्र सरकार की फैक्ट चेक एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। सरकार का कहना है कि किसी भी सरकारी निर्णय, योजना या नीति से जुड़ी खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में फर्जी खबरें बहुत तेजी से फैलती हैं, इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करे।
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