
धर्म डेस्क (वीकैंड रिपोर्ट)- Maha Shivratri Vrat : महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन भक्त उपवास, रात्रि जागरण और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई उपासना जीवन के कष्टों को दूर कर सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। जो लोग पहली बार महाशिवरात्रि का व्रत रखने जा रहे हैं, उनके मन में कई सवाल होते हैं—व्रत कैसे रखें, क्या खाएं, क्या न करें और पूजा की सही विधि क्या है। सही जानकारी और श्रद्धा के साथ रखा गया व्रत आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
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Maha Shivratri Vrat : पहली बार व्रत रखने वालों के लिए जरूरी नियम
व्रत से पहले रखें खानपान का ध्यान
व्रत से एक दिन पहले हल्का और सात्विक भोजन करें। तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन न लें, ताकि अगले दिन कमजोरी महसूस न हो।
फलाहार का पालन करें
व्रत के दौरान फल, दूध, दही, नारियल पानी, साबूदाना और कुट्टू के आटे से बनी चीजें ले सकते हैं। अनाज, प्याज, लहसुन और मांसाहार से परहेज़ करें।
सरल रखें पूजा विधि
सुबह स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप श्रद्धा से करें। पहली बार व्रत रखने वालों के लिए पूजा को सरल रखना बेहतर है।
रात्रि जागरण का महत्व
महाशिवरात्रि पर रात्रि जागरण विशेष महत्व रखता है। यदि पूरी रात जागना संभव न हो तो कम से कम कुछ समय भजन, शिव चालीसा या मंत्र जाप अवश्य करें।
आचरण में रखें पवित्रता
व्रत केवल भोजन त्यागने का नाम नहीं है। इस दिन क्रोध, झूठ, कटु वचन और नकारात्मक सोच से दूर रहें। मन को शांत और सकारात्मक बनाए रखें।
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स्वास्थ्य का रखें ध्यान
यदि आप किसी बीमारी से ग्रस्त हैं या डॉक्टर ने उपवास से मना किया है, तो अपनी स्थिति के अनुसार व्रत रखें। भगवान शिव भावना देखते हैं, कठिन तपस्या नहीं।
व्रत खोलने की विधि
अगले दिन स्नान और पूजा के बाद हल्का भोजन करें। अचानक भारी या तला-भुना भोजन न लें।
Maha Shivratri Vrat : श्रद्धा ही सबसे बड़ा नियम
नियमों से अधिक महत्वपूर्ण है आपकी श्रद्धा और विश्वास। सच्चे मन से किया गया छोटा सा व्रत भी भगवान शिव को प्रसन्न करता है और जीवन में शांति व सकारात्मकता लाता है।
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