
नई दिल्ली (वीकैंड रिपोर्ट) Kejriwal and Sisodia acquitted with honour : दिल्ली की चर्चित आबकारी (शराब) नीति से जुड़े मामले में बड़ी राहत देते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल आरोपों के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता, क्योंकि जांच एजेंसियों द्वारा पेश किए गए सबूत अपर्याप्त और कमजोर पाए गए।
फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ “पूरी तरह फर्जी केस” बनाया गया था और इसे आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए रचा गया सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के शीर्ष नेतृत्व ने मिलकर विपक्ष को निशाना बनाने की कोशिश की और उनकी छवि खराब करने के लिए लगातार भ्रष्टाचार के आरोप प्रचारित किए गए।
Kejriwal and Sisodia acquitted with honour
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को जेल भेजा गया, यहां तक कि एक सिटिंग मुख्यमंत्री को घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जो भारतीय राजनीति में अभूतपूर्व है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगभग छह महीने जेल में रहना पड़ा, जबकि मनीष सिसोदिया करीब दो वर्ष तक कारावास में रहे। उन्होंने इसे व्यक्तिगत और राजनीतिक उत्पीड़न बताया।
प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सत्ता के लिए देश और संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता चाहिए तो जनहित के काम करके हासिल कीजिए, क्योंकि देश आज महंगाई, बेरोजगारी, प्रदूषण और बुनियादी ढांचे की समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने अदालत के फैसले को “सत्य की जीत” बताते हुए कहा कि अंततः संविधान और न्याय की भावना ही विजयी होती है।
Kejriwal and Sisodia acquitted with honour : परिवार और पार्टी की प्रतिक्रिया

सुनीता केजरीवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने हमेशा ईमानदारी से जीवन जिया है और वर्षों से उन पर झूठे आरोप लगाकर परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास था कि न्याय मिलेगा और आज वही हुआ।
दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश में भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या है, लेकिन कई बार ईमानदार लोगों को ही निशाना बनाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां राजनीतिक दबाव में चुनिंदा कार्रवाई करती हैं।
अदालत की टिप्पणी और आगे की राह
Kejriwal and Sisodia acquitted with honour : इस मामले में अदालत ने पहले आबकारी विभाग के पूर्व आयुक्त कुलदीप सिंह को बरी किया, इसके बाद सिसोदिया और केजरीवाल को राहत मिली। अदालत ने चार्जशीट में कई खामियों और असंतोषजनक जवाबों का उल्लेख करते हुए कहा कि गंभीर आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य आवश्यक होते हैं।
हालांकि, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकती है। दिल्ली एक्साइज नीति 2022-23 से जुड़े इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों ने जांच की थी। लंबे समय से चल रहे इस कानूनी संघर्ष के बाद आया यह फैसला केजरीवाल और सिसोदिया के लिए बड़ी राजनीतिक और कानूनी राहत माना जा रहा है।
-----------------------------------------------------------------
देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए >>>Join WhatsApp Group Join<<< करें। आप हमें >>>Facebook<<< फॉलो कर सकते हैं। लेटेस्ट खबरें देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को भी सबस्क्राइब करें।
-----------------------------------------------------------------


