
फरीदकोट (वीकैंड रिपोर्ट): देश में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। पंजाब में भी इसके संदिग्ध मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि यहां सिर्फ एक मरीज को छोड़कर बाकी सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। पंजाब के मोहाली में अब तक 22 लोगों को संदिग्ध माना गया तो वहीं फरीदकोट में मंगलवार (17 मार्च) की रात कोरोना का एक संदिग्ध अस्पताल से फरार हो गया है। पुलिस अब तलाश में जुटी है।
फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल से कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मरीज फरार हो गया। बताया जा रहा है कि मरीज सोमवार सुबह ही भर्ती हुआ था। हालांकि अभी उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं पुलिस भी पूरी मुस्तैदी से तलाश में जुटी हुई है। फरीदकोट में पीसीआर से पुलिस संदिग्ध मरीज की तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि संदिग्ध मरीज ने कुछ दिन अपने एनआरआई दोस्तों के साथ बिताए थे। इसके बाद से उसे खांसी और सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। इसके बाद ही वह जांच करने मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो डॉक्टरों ने संदिग्ध मानते हुए उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया था। जहां से वह मंगलवार की रात फरार हो गया।
मोहाली में कोरोना के संदिग्ध अब तक 22 मरीज सामने आ चुके हैं। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिससे साफ हो गया है कि कोरोना से कोई भी व्यक्ति पीड़ित नहीं है। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि खरड़ में दाखिल कोरोना की संदिग्ध एक महिला और एक अन्य निजी अस्पताल में दाखिल बुजुर्ग महिला की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।
पिछले महीने अमेरिका से लौटे मारपीट के मामले में नामजद आरोपी को जेल से कोरोना वायरस का संदिग्ध मान जेल प्रशासन सिविल अस्पताल लाया है। हवालाती को खांसी, जुकाम और बुखार था। अमेरिका से लौटने के कारण उसे सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है। सिविल अस्पताल प्रशासन ने मरीज के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। अब रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि वह कोरोना वायरस से पीड़ित है या नहीं। जानकारी के मुताबिक उक्त हवालाती नवांशहर का रहने वाला है। उसके खिलाफ 2018 में मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। केस दर्ज होने के बाद वह अमेरिका चला गया था। इस बीच उसकी गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था और उसकी एलओसी जारी कर दी गई थी। जब फरवरी 2020 को वह विदेश से वापस भारत आया तो एयरपोर्ट पर पुलिस ने दबोच लिया था। उसे लुधियाना की सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि उसे हलकी खांसी और बुखार था। जब वह मंगलवार को जेल के अस्पताल में खुद का चेकअप करवाने गया तो उसकी ट्रेवल हिस्ट्री के कारण डॉक्टरों को शक हुआ। इसी आधार पर उसे सिविल अस्पताल भेज दिया है। जहां उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
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