
जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट) Bharat Bandh Effect : ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के समर्थन में बुधवार को जिले में पनबस कर्मियों और विभिन्न विभागों के अस्थायी कर्मचारियों ने हड़ताल की, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन और अन्य संगठनों द्वारा किए गए चक्का जाम के चलते करीब 80 प्रतिशत रूटों पर सरकारी बसें नहीं चलीं। केवल नियमित कर्मचारियों द्वारा सीमित संख्या में बसें चलाई गईं।

सरकारी बस सेवा प्रभावित रहने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। महिलाओं, विद्यार्थियों और दूरदराज क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को निजी बसों या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा। बस स्टैंड पर विभिन्न यूनियनों से जुड़े कर्मचारी एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

Bharat Bandh Effect in Jalandhar
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है और आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि सुबह कुछ पदाधिकारियों के घरों पर छापेमारी की कोशिश भी की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई बंद नहीं हुई तो हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है।

भारत बंद के समर्थन में मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने भी काम का बहिष्कार किया, जिससे सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन नहीं बनाया गया। यूनियन ने मानदेय बढ़ाने और न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करने की मांग दोहराई।

डिपो अध्यक्ष जगसीर सिंह माणक ने स्पेशल कैडर पॉलिसी 2023 के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत न मिलने पर नाराजगी जताई। ट्रेड यूनियनों, संयुक्त किसान मोर्चा और सीपीआईएम सहित कई संगठनों के समर्थन से हुई इस हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला।
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