
जालंधर (वीकैंड रिपोर्ट) Police Misbehave : थाना बारांदरी की पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब एक पुलिसकर्मी पर शराब के सेवन के बाद स्थानीय लोगों से अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे। घटना से नाराज लोगों ने थाने के बाहर एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि मामले में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद इलाके में आक्रोश तेजी से फैल गया। लोगों का आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मी ने ड्यूटी के दौरान अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया और कुछ लोगों के साथ बदसलूकी की। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को आहत किया, बल्कि पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना है कि कानून की रक्षा करने वालों से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
Police Misbehave
हंगामा बढ़ता देख कुछ समय बाद थाना प्रभारी रविंदर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। बातचीत के बाद लोगों का गुस्सा कुछ हद तक शांत हुआ, लेकिन वे निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
थाना प्रभारी रविंदर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत प्राप्त हो चुकी है। शिकायत के आधार पर प्राथमिक जांच शुरू की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। थाना प्रभारी ने कहा कि यह कदम निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके और जांच प्रभावित न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब के सेवन से जुड़े आरोप भी जांच के दायरे में हैं। यदि जांच में यह साबित होता है कि पुलिसकर्मी ने ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन किया था या नशे की हालत में अनुशासनहीनता की, तो विभागीय नियमों के अनुसार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही या गलत व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है। दूसरी ओर, इस घटना के बाद इलाके में पुलिस और जनता के बीच संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं जनता के भरोसे को कमजोर करती हैं और पुलिस के प्रति सम्मान में कमी लाती हैं। उनका मानना है कि पुलिस विभाग को अनुशासन और व्यवहार को लेकर सख्त नियम लागू करने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करना सकारात्मक कदम है, लेकिन वास्तविक न्याय तभी होगा जब जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए और दोषी पाए जाने पर कठोर दंड दिया जाए। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि इस मामले में पारदर्शिता बरती जाए और जनता को जांच की प्रगति से समय-समय पर अवगत कराया जाए।
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